नगर पंचायत की बेशकीमती जमीन पर अवैध कब्जे का मामला तूल पकड़ चुका है। मजहरगंज मुहल्ले से जुड़ी इस भूमि पर एक रसूखदार व्यक्ति कब्जा करने की कोशिश कर रहा है,


 

ऊँचाहार, रायबरेली – नगर पंचायत की बेशकीमती जमीन पर अवैध कब्जे का मामला तूल पकड़ चुका है। मजहरगंज मुहल्ले से जुड़ी इस भूमि पर एक रसूखदार व्यक्ति कब्जा करने की कोशिश कर रहा है, और राजस्व विभाग लगातार नगर पंचायत की सीमा घटाकर इस व्यक्ति को लाभ पहुंचा रहा है। इस मामले से नगर पंचायत अधिकारी परेशान हैं, और अब निकाय प्रशासन ने अपनी जमीन को सुरक्षित करने के लिए पक्की दीवार बनाने का निर्णय लिया है।

कैसे हो रहा कब्जा?

नगर पंचायत की जमीन भूमि संख्या 2700 के अंतर्गत आती है, जिसका रकवा लगभग 14 बिस्वा है। इसी के आसपास की जमीन को एक व्यक्ति ने खरीदा और फिर तहसील में चिन्हांकन के लिए वाद दायर कर भूमि की पैमाइश करवाई। लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान, नगर पंचायत की जमीन को भी धीरे-धीरे इस व्यक्ति के नाम पर किया जाने लगा।
गुरुवार को इस जमीन की पुनः पैमाइश की गई, और नगर पंचायत की जमीन को और अधिक काटकर कब्जे में दे दिया गया। मौके पर नगर के अधिशासी अधिकारी सिकंदरादित्य मौजूद थे, जिन्होंने इस कब्जे का विरोध किया और अपनी बात रखने का प्रयास किया, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि निकाय की यह भूमि वर्षों से नगर पंचायत की संपत्ति रही है, जिसे अब धीरे-धीरे हड़पने की कोशिश की जा रही है।

नगर पंचायत की सख्त कार्रवाई

नगर पंचायत अध्यक्ष ममता जायसवाल ने इस मामले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कुछ रसूखदार लोगों ने एक साजिश के तहत नगर पंचायत की जमीन हथिया ली है। लेकिन अब नगर पंचायत अपनी शेष बची भूमि को सुरक्षित करने के लिए इस पर पक्की दीवार खड़ी करेगी।

भविष्य की योजना: आबादी के लिए संरक्षित होगी जमीन

निकाय प्रशासन के अनुसार, इस जमीन का एक हिस्सा आबादी क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है, जिस पर भी लोगों की नजर है। इसीलिए, उस हिस्से पर भी दीवार बनाई जाएगी, ताकि नगर के लोगों को वहां बसाया जा सके और यह भूमि सुरक्षित रह सके।

प्रशासन और जनता का क्या कहना है?

इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर किस आधार पर राजस्व विभाग लगातार नगर पंचायत की सीमा घटा रहा है। वहीं, नगर के जागरूक नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस मुद्दे पर निकाय प्रशासन का समर्थन किया है और अवैध कब्जे की निंदा की है।
नगर के एक वरिष्ठ नागरिक रामेश्वर प्रसाद ने कहा, "निकाय की जमीन पर कब्जे से जनता के लिए आवास और विकास कार्यों में बाधा आएगी। प्रशासन को चाहिए कि वह निष्पक्ष जांच करवाए और जो जमीन नगर पंचायत की है, उसे सुरक्षित किया जाए।
वहीं, एक अन्य स्थानीय निवासी संतोष वर्मा ने कहा कि, "अगर राजस्व विभाग की मनमानी ऐसे ही चलती रही तो भविष्य में नगर पंचायतों की कोई जमीन नहीं बचेगी। सरकार को इस पर संज्ञान लेना चाहिए और निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।
अब देखना होगा कि निकाय प्रशासन द्वारा बनाई जाने वाली दीवार से जमीन को कितना सुरक्षित किया जा सकता है और क्या राजस्व विभाग के इस फैसले की कोई समीक्षा होगी। नगर पंचायत की इस कड़ी कार्रवाई से यह संदेश साफ है कि वे अपनी जमीन को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
नगर पंचायत की इस सख्त पहल से अवैध कब्जाधारियों को रोकने में मदद मिलेगी, और यह भविष्य में अन्य सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा के लिए भी एक मिसाल बन सकती है।

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